- “ज़िंदगी” की “तपिश” को “सहन” किजिए “जनाब”,
अक्सर वे “पौधे” “मुरझा” जाते हैं,
जिनकी “परवरिश” “छाया” में होती हैं।” - “कपड़ों की “मैचिंग” बिठाने से,
सिर्फ शरीर “सुंदर” दिखेगा।
रिश्तों व हालातों से,
“मैचिंग” बिठा लीजिये…..
पूरा जीवन सुंदर हो जाएगा।” - बात कड़वी है पर सच है।
लोग कहते है तुम संघर्ष, करो हम तुम्हारे साथ है।
यदि लोग सच में साथ होते तो संघर्ष, की जरुरत ही नहीं पड़ती।” - ”खुश रहने का मतलब ये नहीं कि
सब कुछ ठीक है
इसका मतलब ये है कि आपने
आपके दुखों से उपर उठकर
जीना सीख लिया है।”
आज 12 अक्टूबर को देश भर में बुराई पर अच्छाई की और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देने वाला पावन पर्व दशहरा मनाया जा रहा है। इसे विजयादशमी भी कहा जाता है। पंचांग के अनुसार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा का त्योहार मनाया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार दशमी के दिन ही भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था जिसे अधर्म पर धर्म की जीत और बुराई व असत्य पर अच्छाई व सत्य की विजय के प्रतीक के तौर पर माना जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि दशमी पर ही मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था। आज आप अपने करीबियों को नीचे दिए शुभकामना संदेश भेजकर उन्हें दशहरा की शुभकामनाएं भेज सकते हैं और उनके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का कामना कर सकते हैं। “अधर्म पर धर्म की विजय, असत्य पर सत्य की विजय, बुराई पर अच्छाई की विजय, पाप पर पुण्य की विजय।” आप सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं! “धर्मो रक्षति रक्षितः” अहं, द्वेष ,दुर्भाव निकालें। मन के भीतर राम बिठा लें।। विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

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